

जिला सहकारी संघ मर्या. कांकेर के अध्यक्ष सियो पोटाई ने बस्तर अंचल में सहकारिता के क्षेत्र में बहुत ज्यादा काम करने पर जोर दिया, उन्होनें कहा कि बस्तर अंचल पिछड़ा हुआ क्षेत्र है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। वन संसाधन, खनिज संसाधन एवं जल संसाधन से समृद्ध होते हुए भी इन क्षेत्रों में सहकारिता की भूमिका नगण्य है। जबकि यहां सहकारी समिति बनाकर वहां के आदिवासियों को सहकारिता से जोड़ा जा सकता है। छोटी-छोटी बचत को प्रोत्साहन देकर साख सहकारी समिति के माध्यम से काफी बड़ी पूंजी एकत्रित की जा सकती है और लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा सकता है।
उन्होने आगे कहा कि उनकी संस्था जिला सहकारी संघ निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहीं है। बहुत जल्द संस्था के माध्यम से जिले के समस्त सहकारी समितियों को इस बाबत् प्रशिक्षण देने का भी कार्य किया जायेगा। वर्तमान में जिले में वनोपज समिति, दुग्ध समिति, मत्स्य समिति, कृषि साख समिति तो है लेकिन आर्थिक रूप से बचत योजनाओं को प्रोत्साहन देने एवं आम व्यक्तियों को दैनिक जीवन की वस्तुओं को उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं का नितांत आभाव है। अतः इस ओर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।
उन्होने कहा कि उनकी संस्था निरंतर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से संपर्क मे है और सहकारिता के क्षेत्र में होने वाली सभी प्रकार की गतिविधियां से अवगत हो रहीं है। आने वाले समय में बस्तर अंचल में सहकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। इस दिशा में संस्था एवं उसके पदाधिकारियों ने कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है। इस हेतु संबंधित आकड़े एकत्रित करना एवं क्षेत्र का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए संस्था निर्मित किये जाने हेतु कार्य योजना चालू हो चुकी है। प्रारंभ में आंकडे़ एकत्रित होने के बाद किस तरह की संस्थाओं को प्राथमिकता में रखा जायेगा इस हेतु भी विचार किया जा रहा है।
उन्होने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर संभाग में सहकारिता के क्षेत्र में जो कार्य होना था वह नहीं हो पाया। लेकिन उनकी कोशिश होगी कि वे सहकारिता की दिशा में बेहतर कार्य कर सके। उन्होने आगे कहा कि बहुत जल्द कांकेर में सहकारिता सम्मेलन आयोजन कर सहकारिता को पुर्नजीवित करने का कार्य किया जायेगा। इस हेतु 3 दिवसीय सम्मेलन करने की योजना बनाई गई है जिसमें जिलेभर के समस्त प्रकार के सहकारिता से जुड़े हुए प्रबुद्धजन, सहकारी संस्थाएं एवं उनके पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जायेगा।