
यूं तो हमारे वैज्ञानिक ब्रह्माण्ड (universe) और उसकी प्रक्रियाओं के बारे में काफी कुछ जानते हैं, लेकिन अब भी ऐसे कई अहम रहस्य हैं जिनके बारे में वे ठीक से कुछ जान नहीं पाए हैं | यूं तो हमारे वैज्ञानिक ब्रह्माण्ड (universe) और उसकी प्रक्रियाओं के बारे में काफी कुछ जानते हैं, लेकिन अब भी ऐसे कई अहम रहस्य हैं जिनके बारे में वे ठीक से कुछ जान नहीं पाए हैं| शोधकर्ताओं को दो गैलेक्सी के टकराने का पता चला है और उन्हें उम्मीद है कि इससे उन्हें हमारे सौरमंडल के पैदा होने के बारे में जानकारी मिल सकती है | हमारी गैलेक्सी मिल्कीवे में ही एक तारे के निर्माण से इस बारे में संकेत मिले हैं. यह तारा उसी समय बना था जब हमारे सौरमंडल का निर्माण हुआ था |
शोधकर्ताओं का मानना है कि हमारी आकाशगंगा (Galaxy) मिल्कीवे और एक छोटी गैलेक्सी सैजीटेरिअस 4.5 अरब साल से भी पहले आपस में टकराए थे. इस तरह के टकराव से तारों का टकराव न होकर तारों के निर्माण के हालात बन सकते हैं. जैसे एक साथ बहुत सी गैस का जमा हो जाना या फिर गैसों के बादलों का एक साथ आ जाना | आज से लगभग 6 अरब साल पहले गैल्क्सी आपस में टकराईं थीं. उसके बाद सैजीटैरियस एक डार्फ गैलेक्सी जो मिल्कीवे से लगभग 10,000 गुना कम वजन की थी, दो बार हमारी गैलेक्सी के डिस्क से होकर गुजर चुकी है जिसमें करीब 100 अरब तारे मौजूद थे. इन तीनों घटनाओं का संबंध मिल्की वे के तारे के निर्माण के प्रस्फोट से है | यूरोपीय स्पेस एजेंसी की गाइगा स्पेस ऑब्जर्वेटरी के आंकड़ों से पता चला है कि शुरुआती टकराव के बाद एक तारे की निर्माण की लंबी प्रक्रिया 6.3 अरब साल पहले से 4.2 अरब साल पहले तक चली. इसके बाद दो और तारे के निर्माण की प्रक्रिया चरम पर थी जब 1.0 अरब साल पहले और एक अरब साल पहले इस तरह के टकराव हुए थे. दोनों ही प्रक्रिया करीब कुछ करोड़ साल तक चलीं | हाल ही में नेचर में प्रकाशित इस शोध के प्रमुख लेखक और स्पेन के इंस्टीट्यटो डि एस्ट्रोफिस्का डि कैनारियास के खगोलविद टॉमस रुइज-लारा का कहना है कि यह टकराव कार क्रैश की तरह नहीं था. सैजीटैरियस और मिल्की वे के कुछ हिस्से एक दूसरे से होकर गुजरे थे, लेकिन इसमें तारे नहीं टकराए थे. तारों का एक दूसरे से टकराना बहुत ही कम होने वाली घटना है |