
माता आदि शक्ति की अर्धना का पर्व चैत्र नवरात्री 30 मार्च को शुरू हुआ, कलश की स्थापना मुख्य ज्योति के अलावा श्रद्धालुओं के द्वारा भी किया गया, हिन्दू वर्ष के अनुसार 30 मार्च को पहला दिन होने के कारण नववर्ष को धूमधाम से मनाया गया | एक दूसरे को बधाई दिए गए नवरात्र के पहले दिन से मंदिरो में भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ी | कांकेर शहर में शीतला मंदिर, कंकालिन मंदिर अवं अन्य देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर माता का दर्शन आकर आशीर्वाद लिया
संस्कार भारती इकाई कांकेर परिवार के सदस्यो द्वारा रविवार को नव वर्ष के स्वागत क लिए सुबह 6 बजे से गढिया तालाब के उदित होते सूर्यदेव की प्रथम किरण को मंत्रोचारण, संखनाद, डमरुवादन करते जल अर्ध्य दिया और दिप प्रज्वोलित कर जल में प्रवाहित करते हुए एक दूसरे को नववर्ष की बधाई व सुभकामनाये दी गयी | संस्कार भारती की महिला सदस्यों द्वारा एक दूसरे को हल्दी कुमकुम का तिलक लगाकर भारतीय नववर्ष का स्वागत किया गया |