

भानुप्रतापपुर शहीद वीर नारायण शारीरिक, बौद्धिक उत्थान समिति द्वारा क्षेत्र के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। जिसमें से 16 बच्चों का चयन नवोदय व एकलव्य विद्यालय के लिए हुआ है। इन बच्चों का रविवार को एसडीएम जितेंद्र यादव, कलेक्टर चन्दन कुमार के हाथों सम्मान किया गया। साथ ही बच्चों को पढ़ाई में हर संभव मदद करने का भरोसा भी दिलाया। बच्चों को पढ़ाए जाने वाले कक्ष में पंखे की मांग पर तत्काल पंखा लगाने की बात कही। बच्चों के साथ उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान बच्चों को एसडीएम ने कहा कि आपको कोई भी जरूरत हो तो आप मुझसे कहें, जो संभव होगा मैं मदद करूँगा। आदिवासी समाज से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला है। यहां सभी लोग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। आपलोग भाग्यशाली हैं जो यहां आपके बीच पढ़े लिखे लोग आपकी सहायता कर रहे हैं। मैं भी आपको पढ़ाने के लिए समय देने का प्रयास करूंगा। जब आप पढ़ाई शुरू करें तो उसे बीच में न छोड़े, एक महीने का गेप आपको छः महीने पीछे ले जाएगा। हमेशा अपने गुरु से जुड़े रहें। अध्यक्षता कर रहे वन परिक्षेत्र अधिकारी दुर्गूकोंदल देवलाल दुग्गा ने कहा कि बहुत मेहनत से यहां बच्चों ने पढ़ाई की और विभिन्ना विद्यालय में प्रवेश पाया, जो चयनित नहीं हुए हैं। वे अगले वर्ष के लिए अच्छे से मेहनत करें।
विशिष्ट अतिथि वन परिक्षेत्र अधिकारी भानुप्रतापपुर मुकेश नेताम ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल कूद को भी प्राथमिकता दें आपके विद्यालयों में भी खेलकूद को महत्व दिया जाता है। बीआरसी राधे लाल नुरूटी ने कहा कि नगर में लाइब्रेरी की स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी। एसडीएम ने इसके लिए 15 लाख बजट जुटाया है। समिति अध्यक्ष हरि सिंह उइके ने कहा कि इस निःशुल्क कोचिंग में पढ़ाने वाले सहयोगकर्ता शिक्षकों का धन्यवाद। पार्षद मनीष साहू ने बच्चों को पढ़ाने के लिए व्हाइट बोर्ड दिया है। बच्चों को एक अच्छा प्लेटफार्म दे सकें इसलिए समिति का गठन किया गया था। इस अवसर पर सरपंच संघ अध्यक्ष चेतन मरकाम, आदिवासी समाज के अध्यक्ष मानक दर्पट्टी एवं अन्य उपस्थित रहे।