

पेशा कानून के तहत ग्राम सभों को आदिवासी समाज की परंपराओं रीति रिवाज संकृतिक पहचान समुदाय के संसाधन और विवाद समाधान के लिए परंपरागत तरिकों के इस्तेमाल के लिए सक्षम बनाया गया है। जनजातियों ग्राम सभाओं को भूमि अधीग्रहण पूर्नवास के काम में अनिवार्य परामर्श की शक्ति दी गई है।
छत्तीसगढ़ में पेशा कानून जल्द ही लागू किया जायेगा पेशा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने का काम अन्तिम चरण में है पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंह देव ने सोमवार को विडियों कॉन्फं्रेस के जरिये पांच घंटे तक चली पांचवीं मैराथन बैठक में प्रदेश में पेशा लागू करने के लिए नियमों को अन्तिम रुप देकर सहमति दी और आवश्यक कार्यवाही के लिए दो दिनों में संबंधित विभागों में भेजने के निर्देश भी दिये पंचायत मंत्री ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पेशा को लागू कराने प्रतिबधित है।
पेशा कानून समुदाय की प्रथाागत धार्मिक व परंपरागत रीतियों के सरक्षण पर आसाधारण जोर देता है। इसमें विवादों को प्रथागत ढ़ग से सुलझाने व समुदायिक संसाधनों का प्रबन्ध करना ही शामिल हैं, प्रत्येक ग्राम सभा लोंगो की परंपराओं तथा प्रथाओं के संरक्षण व संवर्धन उनकी सांस्कृतिक पहचान समुदायिक संसाधनों और विवादों को प्रथागत ढ़ग से निपटाने में सक्षम होगी। पेशा अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लोगों के लिए संवेदनशील विषय रहा।