बस्तर संभाग

विधायक मोहन मरकाम ने राजागांव में एरोमेटिक कोण्डानार अभियान का किया शुभारम्भ . . .

कोंडागांव/बस्तर मित्र..

16 अगस्त को विधायक मोहन मरकाम, जनपद अध्यक्ष कोण्डागांव शिवलाल मंडावी एवं कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा राजागांव में एरोमेटिक कोण्डानार अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान विधायक द्वारा एरोमेटिक(सुगंधित) फसलों का रोपण किया गया। जिसमें उनके द्वारा अल्फांसो आमों का रोपण करने के साथ लेमनग्रास, पचौली एवं पामारोजा के पौधों का भी रोपण किया। कलेक्टर ने भी अल्फांसो आम के पौधे का रोपण करते हुए क्यारियों में लेमनग्रास का भी रोपण किया साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा इंटरक्रापिंग में सुगंधित प्रजाति के घांस यथा लेमनग्रास, विटिवर, पामरोजा एवं पचौली का भी रोपण किया गया है। यहां फेंसिंग के किनारे चारों ओर क्लोनल नीलगिरी एवं बांस के कुल 750 पौधों का भी रोपण किया गया है।

इस दौरान विधायक श्री मरकाम ने कहा कि जिले में रोजगार के साधनों को बढ़ाने एवं ग्रामीणों की आय को बढ़ाने के लिए नवीन एरोमेटिक कोण्डानार अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा की गई थी। इस अभियान के माध्यम से पारंपरिक फसलों से होने वाले लाभ के स्थान पर अधिक मुनाफा देने वाली सुगंधित फसलों का रोपण कर कृषक दुगना मुनाफा कमा सकते हैं। इन सुगंधित फसलों से सुगंधित तेल निकालने के लिए जिले में प्लांट की स्थापना की जाएगी। जिससे जिले में ही कृषकों को अपनी फसलों का प्रतिसाद मिलने के साथ ही लोगों को रोजगार की भी प्राप्ति होगी।

इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि सुगंधित फसलों की खेती जिले के ग्रामीणों को नए अवसर प्रदान करेगी। यह फसलें 3 महीने में तैयार होते ही उनकी फसलों का भुगतान उन्हें तुरंत प्राप्त हो जाएगा। सुगंधित तेलों के निर्यात से कोण्डागांव को ना सिर्फ देश अपितु पूरे विश्व में पहचान मिलेगी। वर्तमान वैश्विक परिवेश में सुगंधित तेलों की अत्यधिक मांग है। ऐसे में जिले के युवा इन फसलों से जुड़कर लाभ कमा सकते हैं।

राजागांव में बनेगा राज्य का पहला अल्फांजो अमरई..

ग्राम राजागांव में प्रदेश के सबसे बड़े क्षेत्रा में विकसित इस आम के बगीचे में कुल एक हजार अल्फांजो प्रजाति के आम का रोपण किया गया। जिससे परिपक्वता उपरांत 50 हजार क्विं. उत्पादन होगा। उक्त योजना में सुगंधित घांस के माध्यम से कुल 25 एकड़ भूमि पर प्रति तिमाही 06 लाख रूपये प्रथम वर्ष से ग्रामीणों को नगद आय अर्जित होगी। ग्राम राजागांव में यह आम का बगीचा (अमरई) प्रदेश में सबसे बड़े क्षेत्रों में विकसीत प्रथम प्रयोग है। इस कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता तथा वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

इस अभियान के तहत ग्रामीणों को सुगंधित फसलों की नर्सरी तैयार करने एवं उनके रोपण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें लेमन ग्रास, तुलसी, मुनगा, वेटीवर, अमाड़ी, पचौली एवं पामारोसा (खस) की फसलों की नर्सरी वैज्ञानिक विधि से तैयार की जाएगी। इन फसलों के रोपण के लिये एफआरए क्लस्टर मयूरडोंगर, करियाकाटा, चारगांव एवं गम्हरी तथा वन विभाग के अमरावती, माकड़ी, दहिकोंगा, मर्दापाल एवं मुलमुला परिक्षेत्र का चयन प्रारंभिक रूप से किया गया है। इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा निजी एवं सामुदायिक रुप से भी इन फसलों के रोपण हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन सुगंधित प्रजाति के घांसों को परिपक्वता उपरांत क्रय करने हेतु रायपुर की एक कंपनी से एमओयू. भी किया गया है, जिस पर बैंक गारंटी भी प्राप्त की गई है।

इस दौरान वन विभाग की इस आवर्ती चराई गोठान को मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए विधायक, कलेक्टर एवं डीएफओ द्वारा गोठान समिति के सदस्यों से चर्चा करते हुए। इस गोठान में मुर्गीपालन, मत्स्यपालन एवं सुकरपालन हेतु ग्रामीणों को प्रेरित भी किया गया।




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