
रामनगरी में इस समय रोजाना 70 से 80 हजार श्रद्धालु रामलला के दर्शन को पहुंच रहे हैं। रामजन्मोत्सव अयोध्या का मुख्य पर्व माना जाता है इसलिए रामनवमी मेले के नौ दिनों में अयोध्या में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। रामलला के दरबार में रोजाना ढाई से तीन लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच सकते हैं।
यूपी के अयोध्या में रामनवमी मेला 30 मार्च, दिन रविवार से शुरू हो रहा है। मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। रामनवमी मेले को लेकर राम जन्मभूमि परिसर की भव्य सजावट की जाएगी। विशेष लाइटिंग भी किए जाने की तैयारी है।
इसी क्रम में शुक्रवार की रात राम मंदिर में प्रकाश व्यवस्था का ट्रायल किया गया। मंदिर के ऊपर तरह-तरह की रोशनी डाली गई। इससे मंदिर की भव्यता निखर उठी। करीब एक घंटे तक ट्रायल चला। मंदिर के अलग-अलग हिस्सों को प्रकाशित किया गया। रामनवमी तक रोजाना शाम 7 से रात 10 बजे तक मंदिर में विशेष प्रकाश व्यवस्था रहेगी।
रामनवमी मेले को लेकर अयोध्या में होटलों और धर्मशालाओं के 90 फीसदी कमरे फुल हो चुके हैं। बचे 10 फीसदी कमरों के लिए मारामारी मची है। एक-एक कमरे के लिए होटल मालिकों के पास सिफारिशें आ रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु होम स्टे में कमरे बुक करा रहे हैं, लेकिन यहां भी हाउसफुल का बोर्ड लगने से श्रद्धालु परेशान हैं। अब मठ-मंदिरों और आश्रम में ठिकाना खोज रहे हैं।
रामनवमी मेले में अभी तक 15 से 20 लाख श्रद्धालु आते रहे हैं, लेकिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ी है। महाकुंभ मेले में दो माह में अयोध्या में तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। रामनवमी मेले में नौ दिनों तक मठ-मंदिरों में अनुष्ठान होते हैं। रामकथा, रामनाम संकीर्तन, नवाह पारायण, यज्ञ, हवन की धूम होती है। इन अनुष्ठानों में सहभागी बनने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश के श्रद्धालु पहुंचेंगे।