गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आय का नया जरिया बना . . .

गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आय का नया जरिया बना . . .

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आसपास उपलब्ध संसाधनों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा। इसी का परिणाम है कि सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना से गांवों में आर्थिक समृद्धि आ रही है। गोधन न्याय योजना से राज्य में अब तक 100 करोड़ रूपए की गोबर खरीदी हो चुकी है। कई हितग्राहियों ने इससे पैसे कमाकर अपने सपनों को पूरा किया। राज्य के हर कोने से मिल रही सफलता की कहानी इस योजना की हकीकत बयां करती है।

गोधन न्याय योजना से स्वसहायता समूहों और भूमिहीन लोगों को भी आय का नया जरिया मिला है। कोरिया जिले में भी गोधन न्याय योजना के उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं। कोरिया जिले में गोधन न्याय योजना प्रारंभ होने की तिथि से अब तक 2 लाख 33 हजार 903 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। और विक्रेताओं को इसके लिए 5 करोड़ 34 लाख 49 हजार 915 रूपये का भुगतान किया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए 7 हजार 275 गोबर विक्रेताओं ने पंजीयन करवाया और नियमित रूप से गोबर बेचकर लाभ कमा रहे हैं। गौठानों के लिए स्वीकृत 3 हजार 201 वर्मी कंपोस्ट टैंक में से 3 हजार 141 वर्मी कंपोस्ट टैंक पूर्ण कर लिये गये हैं। यहां वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन कर विक्रय किया जा रहा है। साथ ही आजीविकमूलक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। जिसका सीधा लाभ महिला स्व सहायता समूह के सदस्य महिलाओं को मिल रहा है। गांव में ही जैविक खाद उपलब्ध होने से किसानों का रुझान जैविक खेती की तरफ बढ़ा है। जैविक खाद से पौष्टिक उत्पाद और भूमि की उर्वरा लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

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लेखक (Reporter)

Kiran Komra

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