

मुंबई की घटना मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत की खबर आई थी। लेकिन फॉरेंसिक लैब और FDA की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि तरबूज में कोई जहर नहीं था। मृतकों के विसरा में जिंक फॉस्फाइड चूहे मारने की दवा पाया गया जो घर में किसी अन्य कारण से मौजूद था।
तरबूज खाने से मौत की कुछ अन्य खबरें ;जैसे मध्य प्रदेश के श्योपुर में भी सामने आईं जिसके बाद सोशल मीडिया पर डर का माहौल बन गया। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अधिकारी मान रहे हैं कि यह कोई सामान्य फूड पॉइजनिंग नहीं है बल्कि फलों में जहर होने की अफवाह मात्र है।
ताजे साबुत और बिना कटे हुए तरबूज ही खरीदें।कभी भी बहुत सस्ते या सड़क किनारे बेचे जा रहे कटे.फटे तरबूज न खरीदें।तरबूज को काटने से पहले उसे पानी से अच्छी तरह धो लें।तरबूज काटने के बाद उसे ज्यादा देर तक खुला या कमरे के तापमान पर न छोड़ें।तरबूज गर्मियों का एक बेहद पौष्टिक और फायदेमंद फल है। विशेषज्ञों के अनुसार उचित साफ.सफाई और सही जगह से खरीदारी करके इसे खाना पूरी तरह सुरक्षित है।