माघ पूर्णिमा के अवसर पर, ग्राम सरंगपाल में महानदी घाट पर सूर्योदय से पहले भक्तों ने लगाई डुबकी . . .

माघ पूर्णिमा के अवसर पर, ग्राम सरंगपाल में महानदी घाट पर सूर्योदय से पहले भक्तों ने लगाई डुबकी . . .

कांकेर/बस्तर मित्र।

माघ पूर्णिमा के अवसर पर ग्राम सरंगपाल में महानदी घाट पर सूर्योदय से पहले ही भक्तों का भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में भक्तों ने नदी तट पर पहुंचकर स्नान किया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। स्नान व भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ ही दो दिनों तक चलने वाले ग्राम सरंगपाल के मेले की शुरूआत भी हो गई।

माघ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिव धाम सरंगपाल पहुंचकर त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। सुबह चार बजे से ही शिवधाम सरंगपाल में चहल-पहल नजर आ रही थी। बड़ी संख्या में नदी तट पर भक्तों की भीड़ एकत्रित हो गई थी, जिसके बाद नदी में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। आसपास के गांव के अतिरिक्त दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालुगण महानदी तट में स्नान के लिए पहुंचे थे, जिनमें महिला, पुरुष, युवा, बच्चे व बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग शामिल थे। भक्तों ने महानदी में स्नान कर नदी तट पर ही रेत से शिवलिंग बनाकर विधि विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की। जिसके बाद नदी से कुछ दूरी पर स्थिति शिव मंदिर जाकर भगवान शिव के दर्शन भी किए।

मंदिर में भगवान के दर्शन व पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ था। महानदी में स्नान करने पहुंचे भानु नेताम ने कहा कि वे माघ पूर्णिमा के अवसर पर महानदी में स्नान व पूजन के लिए आए हैं। यहां आकर मन को शांति मिलती है। ग्राम दसपुर निवासी देवेन्द्र साहू भी अपने परिवार के साथ सरंगपाल पहुंचे थे।

माघ पूर्णिमा में त्रिवेणी संगम में सूर्योदय के पूर्व किया गया स्नान विशेष फलदायी होता है। इसलिए इस दिन स्नान करने नदी तट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हम भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ स्नान व पूजन के लिए पहुंचे हैं। माना जाता है कि आज के दिन त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद शिव पूजा से पुण्य की प्राप्ति होती है। शिव पूजा के बाद ही शिव मंदिर के सामने मेले का प्रारंभ होता है। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ दो दिनों तक चलने वाले सरंगपाल मेले का शुभारंभ भी हो गया। वहीं दूसरी ओर मेले में कई प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं।

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लेखक (Reporter)

LAXMI JURRI

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