सेना की 'सुपर 50' पहल, कश्मीरी बच्चों के मेडिकल एजुकेशन के सपने को पूरा करने का प्रयास . . .

सेना की 'सुपर 50' पहल, कश्मीरी बच्चों के मेडिकल एजुकेशन के सपने को पूरा करने का प्रयास . . .

बस्तर मित्र न्यूज।

भारतीय सेना उत्तरी कश्मीर में 'आर्मी एचपीसीएल कश्मीर सुपर 50' पहल के तहत फ्री में छात्रों को मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रही है। सेना उन छात्रों को वित्तीय सहायता दे रही है, जो स्पॉन्सरशिप के जरिए एलिट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं। किलो फोर्स के जीओसी मेजर जनरल एसएस स्लारिया ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है, क्योंकि स्कूलों में जाने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ आतंकी घटनाओं में गिरावट आई है।

मेजर जनरल ने कहा, उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा के हालात स्थिर हैं। यह सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है। आतंक की घटनाएं कम हो रही हैं। 'हड़ताल' की घटनाएं कम हो रही हैं। पर्यटन बढड रहा है। पर्यटकों के बेहतर आगमन के साथ ही अधिक छात्र स्कूलों में जा रहे हैं। युवाओं को अपने नायकों को अच्छी तरह से चुनना होगा। अगर वे उन्हें अच्छी तरह से चुनते हैं, तो वे सही रास्ते पर होंगे।

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30 लड़के और 20 लड़कियां कोचिंग में मुफ्त में पढ़ रहीं :-

सेना की ओर से प्रायोजित संस्थान के शिक्षक वाहिद फारूक ने कहा कि आर्मी की पहल के तहत 30 लड़के और 20 लड़कियां कोचिंग में मुफ्त में पढ़ रही हैं। उन्होंने बताया, "हमने 2018 में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया और कोचिंग के लिए छात्रों को शॉर्टलिस्ट करने की खातिर हर स्कूल का दौरा किया, जहां लिखित परीक्षा आयोजित की गई। 2018 में हमने 30 छात्रों को लिया, जिनमें से 25 ने मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रवेश परीक्षा पास की। प्रोजेक्ट को सुपर 30 से बदलकर सुपर 50 कर दिया गया। 2021 में सुपर 50 के लिए लड़कियों को भी शामिल किया गया। हमारे यहां 30 लड़के और 20 लड़कियां पढ़ रहे हैं। छात्रों को एम्स जैसे संस्थानों में प्रवेश मिलने के बाद भी सेना फीस मुहैया कराती है।

लड़कों की सफलता का शत प्रतिशत का रिकॉर्ड :-

कोचिंग संस्थान की शिक्षिका अनुप्रीता शांडिल्य ने बताया कि लड़कों की सफलता का शत प्रतिशत रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने कहा, "मैं पिछले साल जुलाई से यहां पढ़ा रहा हूं। जब छात्र आते हैं, तो हम उन्हें धीरे-धीरे विषयों के माध्यम से लेते हैं, मूल बातों से शुरू करते हैं। यह हैरान करने वाला है कि चाहे वे किसी भी क्षेत्र से आते हों, वे सभी अच्छा करना चाहते हैं। लड़कों के लिए हमारा शत-प्रतिशत सफलता रिकॉर्ड है और मुझे विश्वास है कि निकट भविष्य में लड़कियां भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी।

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लेखक (Reporter)

LAXMI JURRI

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