यूक्रेन के समर्थन में आए अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश, भारत-चीन एक साथ . . .

यूक्रेन के समर्थन में आए अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश, भारत-चीन एक साथ . . .

बस्तर मित्र न्यूज।

यूक्रेन की सीमाओं पर रूस की सैन्य तैनाती को लेकर चल रहे तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पूर्वी यूक्रेन के लुहान्स्क और डोनेट्स्क प्रांत को स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता दे दी है। साथ ही रूसी सैनिकों को वहां शांति बनाए रखने का आदेश दिया है। पुतिन के इस फैसले का कई देश विरोध कर रहे हैं। एक तरफ अमेरिका सहित कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन बताया है। वहीं, दूसरी ओर चीन-भारत इस पूरे विवाद पर न्यूट्रल हैं। दोनों ने इस मामले में किसी का पक्ष नहीं लिया है।

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भारत ने की दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील :-

UN में भारत के रिप्रेजेंटेटिव टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, यूक्रेन और रूस के बीच सीमा पर तनाव गहरी चिंता का विषय है। इस इलाके में रूस का कदम शांति और सुरक्षा को कमजोर करेगा। हम दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हैं। हम मानते हैं कि यह मुद्दा केवल और केवल डिप्लोमैटिक डायलॉग्स के जरिए सुलझ सकता है। अभी तनाव को कम करने के लिए जो भी कदम उठाए गए हैं, उनके लिए हमें थोड़ा वक्त भी देना होगा।

चीन दिख रहा न्यूट्रल :-

चीन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में चीन के रिप्रेजेंटेटिव झांग जून ने कहा- हमारा मानना ​​​​है कि सभी देशों को अंतर्राष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीकों से हल करना चाहिए।

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा- जल्द देंगे जवाब :-

व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडेन ने यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्रों की 'स्वतंत्रता' को मान्यता देने के पुतिन के फैसले की कड़ी निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की से भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जल्द ही इसका जवाब देगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा कि हमें रूस से ऐसी ही उम्मीद थी और हम तुरंत जवाब देने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति बाइडेन ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश (EO) पर साइन किए। इसके अनुसार कोई भी अमेरिकी नागरिक इन इलाकों के लोगों के साथ किसी भी तरह का निवेश नहीं कर सकता है और न ही किसी सेवा या आयात-निर्यात की अनुमति होगी।

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अमेरिकी विदेश मंत्री भी भड़के :-

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि हम पुतिन के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। राज्यों का दायित्व है कि वे धमकी या बल प्रयोग के माध्यम से बनाए गए एक नए राज्य को मान्यता न दें। हम अपने यूक्रेनी सहयोगियों के साथ खड़े हैं।

UN का बयान :-

UN सेक्रेटरी एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने बताया कि रूस के फैसले ने यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता पर हमला किया है। संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन का पूरी तरह से समर्थन करता है।

हम यूक्रेन के साथ जर्मनी :-

जर्मनी के विदेश मंत्री क्रिश्चियन लिंडनेर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़कर पुतिन गलत कर रहे हैं। पुतिन रूसी लोगों को अलग-थलग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम यूक्रेन के साथ हैं।

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लेखक (Reporter)

LAXMI JURRI

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