बॉर्डर चेक पोस्ट्स पर हालात ठीक नहीं, बिना बताए न जाएं; यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए नई एडवाइजरी . . .

बॉर्डर चेक पोस्ट्स पर हालात ठीक नहीं, बिना बताए न जाएं; यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए नई एडवाइजरी . . .

बस्तर मित्र न्यूज।

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के प्रयासों के बीच भारतीय दूतावास ने नई एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने नागरिकों से उसके अधिकारियों के साथ समन्वय के बिना सीमा चौकियों पर नहीं जाने को कहा है। एडवाइजरी में कहा गया, ''सीमा जांच चौकियों पर स्थिति संवेदनशील है। भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए हम पड़ोसी देशों में हमारे दूतावासों के साथ काम कर रहे हैं।

भारतीय दूतावास ने कहा, "हमारे लिए उन भारतीयों को निकालना मुश्किल हो रहा है जो बिना सूचना दिए सीमा जांच चौकियों पर पहुंच गए हैं। जो भारतीय नागरिक पूर्वी क्षेत्र में हैं, उनसे अगले निर्देश तक अपने निवास स्थान पर रहने का अनुरोध किया जाता है। भारतीय नागरिक अनावश्यक गतिविधि से बचे, सावधानी बरतें, अपने आसपास की घटनाओं और हाल के घटनाक्रम को लेकर चौकन्ना रहें।"

एअर इंडिया का विमान भारतीयों को वापस लाने के लिए बुखारेस्ट रवाना :-

वहीं, एअर इंडिया के एक विमान ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के लिए शनिवार सुबह मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि उड़ान संख्या एआई1943 ने तड़के करीब तीन बजकर 40 मिनट पर मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी और उसके भारतीय समयानुसार सुबह करीब दस बजे बुखारेस्ट हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है।

यूक्रेन में फिलहाल करीब 20,000 भारतीय फंसे :-

अधिकारियों ने बताया कि जो भी भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंच गये हैं, उन्हें भारत सरकार के अधिकारी बुखारेस्ट ले जायेंगे ताकि उन्हें एअर इंडिया की उड़ानों के जरिए स्वदेश लाया जा सके। यूक्रेन में फिलहाल करीब 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं जिनमें ज्यादातर विद्यार्थी हैं।

यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद होने से पहले एअर इंडिया ने 22 फरवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव के लिए एक विमान भेजा था जिसमें 240 लोगों को भारत वापस लाया गया था। उसने 24 और 26 फरवरी को दो और उड़ानों के संचालन की योजना बनाई थी, लेकिन रूस के 24 फरवरी को आक्रमण शुरू करने और इसके बाद यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण ऐसा नहीं किया जा सका।

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लेखक (Reporter)

LAXMI JURRI

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