घर पहुंचकर दिये जाएंगे जाति प्रमाण-पत्र, नहीं लगाना पड़ेगा कार्यालय का चक्कर . . .

घर पहुंचकर दिये जाएंगे जाति प्रमाण-पत्र, नहीं लगाना पड़ेगा कार्यालय का चक्कर . . .

कांकेर/बस्तर मित्र।

जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए ग्रामीणों को अब तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व अमला द्वारा आवेदक के घर पहुंचकर जाति प्रमाण पत्र प्रदाय की जायेगी। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज राजस्व अधिकारियों-एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की बैठक लेकर जाति प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार 13 जुलाई से 20 जुलाई तक जाति प्रमाण पत्र के प्रारूप की छपाई किया जाकर 30 जुलाई तक समस्त स्कूलों में फार्म उपलब्ध कराये जाएंगे तथा जाति प्रमाण पत्र बनाने के फार्म भरने में मदद किया जायेगा और भरे हुए फार्म 31 जुलाई से 07 अगस्त तक एकत्रित किये जाएंगे।

08 से 21 अगस्त तक फार्म की जांच, पटवारी प्रतिवेदन, राजस्व अभिलेख तथा वंशावली तैयार करने संबंधी कार्य संपादित किये जाएंगे। किसी आवेदक के पास कोई राजस्व रिकार्ड व शैक्षणिक अभिलेख नहीं होने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामसभा और शहरी क्षेत्रों में नगर परिषद से प्रस्ताव पारित कर आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जावेगा, तत्पश्चात ऑनलाईन आवेदन किये जाएंगे।

तहसीलदार द्वारा अस्थाई जाति प्रमाण पत्र अनुमोदन कर स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अग्रेषित किया जायेगा। उनके द्वारा आवेदक को स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाएंगे तथा राजस्व अमला द्वारा आवेदक के घर पहुंचकर जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जावेगा। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने राजस्व अधिकारियों को निर्देषित करते हुए कहा कि स्कूल प्रारंभ हो गया है तथा विद्यार्थियों को निवास एवं आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। अतः निवास एवं आय प्रमाण पत्र के लिए भी आवेदन प्राप्त होते ही अविलंब बनाकर विद्यार्थियों को दे दिया जावे।

कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आय, निवास, जाति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में राजस्व अधिकारियों को निर्देषित करते हुए कहा कि शिक्षा, नौकरी सहित कई सरकारी कामों के लिए आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र नहीं बना हो तो वे भी इस अभियान में अपना जाति प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।

यह अभियान ऐसे लोगों के लिए भी बहुत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी होने के बाद राजस्व अमला आवेदक के घर पहुंचकर उसे प्रदान करें। अधिकारियों को निर्देषित करते हुए उन्होंने कहा कि शत-प्रतिषत जाति प्रमाण पत्र बनाया जाये, कोई भी विद्यार्थी इससे वंचित न हो। इस कार्य में ग्राम पंचायत सचिवों का भी सहयोग लेने के लिए निर्देषित किया गया है। बैठक में अपर कलेक्टर अंतागढ़ चन्द्रकांत वर्मा तथा अपर कलेक्टर एस.पी. वैद्य, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

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