लघु धान्य फसलों के प्रसंस्करण और विपणन की स्व सहायता समूह के महिलाओं को मिली जानकारी . . .

लघु धान्य फसलों के प्रसंस्करण और विपणन की स्व सहायता समूह के महिलाओं को मिली जानकारी . . .

कांकेर/बस्तर मित्र।

लघु धान्य फसलों के प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा. नरेन्द्र हरिदास तायड़े ने लघु धान्य फसलों के महत्व, उसमें पाये जाने वाले विभिन्न पोषक तत्वों की महत्ता, कोदो, कुटकी एवं रागी की उन्नत उत्पादन तकनीक, इससे संबंधित राज्य में संचालित योजनाऐं जैसे समर्थन मूल्य पर खरीदी, प्रति एकड़ प्रदाय किये जाने वाले प्रोत्साहन राशि, विपणन, भण्डारण इत्यादि के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा मूल्य संवर्धन के रूप में लघु धान्य फसलों के विभिन्न उत्पादों एवं पोषक आहार के रूप में दैनिक खाद्यान में उपयोगिता की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में संचालित प्रसंस्करण इकाई का जीवंत प्रदर्शन कराया गया तथा रागी बीज प्रदर्शन इकाई का भ्रमण कराया गया। प्रशिक्षण में मॉ भवानी स्व सहायता समूह, विश्रामपुरी एवं जागृति स्व सहायता समूह धनोरा जिला कोंडागांव की महिलाएं सम्मिलित हुई।

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