डूमरपानी में मनाया गया चैतराई पर्व अजजा आयोग के सदस्य नितिन पोटाई हुए शामिल . . .

डूमरपानी में मनाया गया चैतराई पर्व अजजा आयोग के सदस्य नितिन पोटाई हुए शामिल . . .

कांकेर

नरहरपुर विकासखण्ड के अंतिम छोर में बसे ग्राम डुमरपानी में आदिवासी समाज द्वारा चैतराई पर्व मरका पंडुम पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे राज्य अजजा आयोग के सदस्य नितिन पोटाई । कार्यक्रम के प्रांरभ में आये हुए अथितियों का स्वागत मांदरी नर्तक दल के द्वारा किया गया जो गांव से प्रांरभ होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंची जहां आदिशक्ति बुढ़ादेव की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभांरभ किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में गोंडवाना समाज की ब्लॉक अध्यक्ष मीनाक्षी नेताम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य गोंड़वाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिह नाग एवं सचिव अजय ठाकुर उपस्थित थे।

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अतिथियों के स्वागत उपरांत उद्बोधन के क्रम में मुख्य अतिथि अजजा आयोग के सदस्य नितिन पोटाई ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति पूजक है जिसकी संस्कृति, रीति-रिवाज, पंरपरा तीज त्यौहार अनूठी है, आदिवासी प्रकृति द्वारा प्रदत्त वस्तुओं को उपयोग के पूर्व अपने देवी, देवताओं को अर्पण करते है यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है इसलिये इसे हमंे बनाये रखना है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में शासकीय नौकरियों के लिये बहुत संघर्ष करना पड़ेगा इसलिये समाज के युवक युवतियां स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित हो तथा वे आर्थिक रूप से सक्षम हो सके। उन्होंने आगे कहा कि प्रकृति बस्तर को काफी समृद्ध बनाया है इसलिये यहां खनिज संसाधनों एवं वनोपज के लिये सहकारी समिति बनाकर कार्य करे जिसके लिये वे युवाओं को मदद करेगें।

श्री पोटाई ने आगे कहा कि वे राज्य शासन के अनुसूचित जनजाति आयोग जैसे महत्वपूर्ण पद में है जो आदिवासियों के हित प्रहरी के रूप में कार्य करता है इसलिये यहां आदिवासियों पर होने वाले सामाजिक, आर्थिक, प्रताड़ना, जमीन व्यवसाय, मुआवजा आदि से संबंधित समस्याओं के लिये तत्पर होकर कार्य करते है । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोंड़वाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेरसिंह नाग ने भी समाज के रीति-रिवाज परंपराओं के विषय में गंभीरता से बातचीत किया तथा उसी के अनुरूप विवाह, जन्म एवं मृत्यु संस्कार में उक्त परंपराओं को मानने हेतु आग्रह किया।

जिला पंचायत सदस्य हेमलाल मरकाम ने कहा कि आज आदिवासियों पर संवैधानिनक संकट आ पड़ा है आदिवासयिों का आरक्षण खत्म करने की साजिश हो रही है इसलिये हमें संस्कृति के साथ-साथ आरक्षण को बचाने के लिये भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी । उन्होंने युवाओं के आदिवासियों के तीन प्रमुख त्यौहार नवा खाई (ठाकुर जोहरनी) विष्व आदिवासी दिवस एवं चैतराई (मरका पंडुम) में प्रतिवर्ष भाग लेने की अपील भी की।

सभा को महिला गोंड़वाना समाज नरहरपुर की अध्यक्ष मीनाक्षी नेताम ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व नपा. उपाध्यक्ष हेसिया राम नागवंषी, गोंड़वाना समाज के प्रवक्ता कमलेश कोमरा, डूमरपानी क्षेत्र के अध्यक्ष बरतिया राम नेताम, सरपंच मीना मरकाम, सुभाष ध्रुव , मयाराम नरेटी, युवा प्रभाग के अध्यक्ष मुकेश जुर्री, सरपंच सुरेन्द्र नेताम, सरपंच सुलोचना नेताम, सीमा कुंजाम सहित सैंकड़ों व्यक्ति उपस्थित थे।

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