समय और अंतराल या स्पेस-टाइम ..........

समय और अंतराल या स्पेस-टाइम ..........

स्पेस-टाइम की संकल्पना, अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा उनके सापेक्षता के सिद्धांत में दी गई थी| उनके अनुसार तीन दिशाओं की तरह, समय भी एक आयाम है और भौतिकी में इन्हें एक साथ चार आयामों के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तव में ब्रह्माण्ड की सभी चीज़ें इस चार-आयामी दिक्-काल में रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी ऐसी परिस्थितियाँ बन जाती हैं जब भिन्न वस्तुओं को इन सभी-आयामों का अनुभव अलग-अलग प्रतीत हो।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

(SPACE) और काल (TIME)का संबध हमारे नित्य व्यवहार में इतना अधिक आता है कि इनके विषय में कुछ अधूरी सी किंतु दृढ़ धारणाएँ हमारे मन में बचपन से ही होना स्वाभाविक है। कणाद (३०० ई. पू.) के वैशेषिक दर्शन में आकाश, SPACE और TIME की धारणाएँ सुस्पष्ट दी गई हैं और इनके गुणों का भी वर्णन किया गया है। इंद्रियजन्य अनुभवों से जो ज्ञान मिलता है उसमें दिक्‌ और काल का संबंध अवश्य ही होता है। इस ज्ञान की यदि वास्तविकता को समझा जाए तो दिक्‌ और काल वस्तविकता से अलग नहीं हो सकते। प्रत्येक दार्शनिक संप्रदाय ने वस्तविकता, SPACE और TIME, इनके परस्पर संबंधों की अपनी अपनी धारणाएँ दी हैं, जिनमें ऐकमत्य नहीं है। गणित में भी दिक्‌ और काल का अप्रत्यक्ष रीति से संबंध आता है।

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अनुभव-आधारित दृष्टिकोण

अनुभवों में SPACE का संबंध चार प्रकार से आता है और इन चारों प्रकारों पर विचार करके SPACE के गुणों की व्यावहारिक कल्पनाएँ बनती हैं। किसी वस्तु के स्थल का निर्देश जब वहाँ कहकर किया जाता है, तब SPACE के एक स्वरूप की कल्पना आती है और इसका अर्थ यह भी माना जाता है कि SPACE का अस्तित्व (अनुभवों से) स्वतंत्र है। किसी वस्तु के स्थल का निर्देश अन्य वस्तु के "सापेक्ष' करने पर SPACE की "सापेक्ष स्थिति' में दूसरा स्वरूप दिखई देता है। दिक्‌ का तीसरा स्वरूप वस्तुओं के "आकार' से मिलता है, जिससे SPACE की विभाज्यता की भी कल्पना की जा सकती है। आकाश की ओर देखने से SPACE की "विशालता' (अथवा अनंतता) का चौथा स्वरूप दिखाई देता है। इन चार प्रकार के स्वरूपों से ही प्राय: SPACE के संबध में व्यावहारिक धारणाएँ बनती हैं और SPACE के गुण भी सूचित होते हैं।

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क्या स्पेस में टाइम चलता है?

अंतरिक्ष में समय पृथ्वी की तुलना में अधिक धीरे चलता है। यह गुरुत्वाकर्षण और सापेक्ष वेग का परिणाम है। सापेक्ष वेग वह गति है जिस पर कोई व्यक्ति किसी अन्य वस्तु के संबंध में गति कर रहा है।

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स्पेस टाइम कॉन्सेप्ट क्या है?

गणितीय रूप से, स्पेसटाइम एक मैनिफोल्ड है, जिसका अर्थ है कि यह प्रत्येक बिंदु के पास स्थानीय रूप से "सपाट" दिखाई देता है, उसी तरह जैसे कि, छोटे पैमाने पर, ग्लोब की सतह सपाट दिखाई देती है।

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