पिता बेटे को नहीं दे रहा था जमीन का हिस्सा, नाराज पोते ने दादा को जिंदा जलाया...

पिता बेटे को नहीं दे रहा था जमीन का हिस्सा, नाराज पोते ने दादा को जिंदा जलाया...

कांकेर

आज गुरुवार को कबीरधाम पुलिस ने एक हत्या के मामले का खुलासा किया है। दरअसल, जिले के थाना सिंघनपुरी जंगल अंतर्गत 3-4 जून की दरम्यानी रात ग्राम बामी में इस हृदय विदारक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। मृतक झड़ी राम साहू (65 वर्ष) को रात करीब 1:30 बजे सोते वक्त आग के हवाले कर दिया गया। जलती हालत में वे अपने घर के भीतर पहुंचे व पत्नी को पुकारा।

परिजनों व ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया,लेकिन तब तक उनकी मौत चुकी थी। घटनास्थल की स्थिति, मृतक की जलने की अवस्था और आसपास फैली पेट्रोल जैसी गंध को देखते हुए यह स्पष्ट था कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूर्व नियोजित हत्या है। एफएसएल टीम द्वारा मौके पर निरीक्षण कर एंटीमार्टम बर्निंग की पुष्टि की गई। इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू किया।

थाना प्रभारी एसआई रोशन बघेल ने बताया कि तकनीकी व पारिवारिक पहलुओं की बारीकी से जांच बाद मृतक के पोते दीपक साहू पिता इतवारी साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी ने कबूल किया कि वह इस बात से नाराज था कि दादा ने अपनी जमीन का हिस्सा उसके पिता को न देकर अन्य बेटों को दे दिया। इस आशंका व क्रोध में कि उसे भविष्य में कुछ नहीं मिलेगा, उसने पेट्रोल डालकर दादा को आग लगा दी। आरोपी को हत्या के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 111 के तहत हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है

दो हत्याकांड हुआ खुलासा, अब तीसरे का इंतजार

कबीरधाम जिले में बीते 4 दिनों में जिले में तीन हत्याओं की घटनाएं सामने आईं,जिनमें से दो मामलों का पुलिस द्वारा खुलासा कर लिया गया है। वहीं,बीते सोमवार को पुलिस चौकी पोंड़ी अंतर्गत ग्राम प्रभाटोला में हुए बुजुर्ग की हत्या मामले का अब तक खुलासा नहीं हुआ है।

पुलिस ने मामले की जांच कर रहीं है। अब तक दो हत्या के मामले में यह तथ्य ध्यान देने योग्य है कि इन घटनाओं में आपसी तनाव, संपत्ति का विवाद, आवेश और पारिवारिक द्वेष जैसे कारण प्रमुख रहे हैं। ऐसे मामलों में जहां अपराध भावनात्मक, आंतरिक द्वेष या संपत्ति की भूख से उपजते हैं, वहां समाज के हर व्यक्ति को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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लेखक (Reporter)

Birma Mandavi

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