धान, मटर, कुल्थी, चावल, मसूर, मयूरपंख, मक्का, सीताफल बीजों से बनी राखी से सजेगी भाईयों की कलाईयां . . .

धान, मटर, कुल्थी, चावल, मसूर, मयूरपंख, मक्का, सीताफल बीजों से बनी राखी से सजेगी भाईयों की कलाईयां . . .

कांकेर/बस्तर मित्र।

बिहान योजना अंतर्गत स्व. सहायता समूह की महिलाओं द्वारा भाईयों के लिए धान, मटर, कुल्थी, चावल, मसूर, मयूरपंख, मक्का, सीताफल बीजों से राखियां बनाया जा रहा है। रक्षा बंधन त्यौहार भाई-बहनों का अटूट प्रेम का संदेश देता है। जिले के बिहान समूह के महिलाओं द्वारा अपने हाथो से राखियां बनाकर भाईयों के भेज रही हैं। इसके साथ ही स्थानीय बाजारों में भी उपलब्ध कराई जा रही है। रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए समूह की दीदीयां अपने आजीविका के रूप में राखियां तैयार करने में लगी हैं, बनाई गई राखियां इस बार भाईयों के हाथों में संजेगी।

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जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल के निर्देशानुसार मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कांकेर अश्वनी यादव के मार्गदर्शन में ग्राम दसपुर, धनेली कन्हार, बिहान स्व सहायता समूह एवं स्थानीय संसाधन जैसे धान, मटर, कुल्थी, चांवल, मसूर, मयूरपंख, मक्का, सीताफल बीजों से राखी तैयार कर अनूठा प्रयोग किया जा रहा है। इस कार्य के लिए समूहों को बीपीएम, एसी, वायपी द्वारा प्रशिक्षण व सहयोग किया जा रहा है।

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