कांकेर/बस्तर मित्र
एक वर्ष पूर्व भानुप्रताप देव शासकीय पीजी कॉलेज कांकेर के विधि प्रोफेसर नरेंद्र कुमार साहू पर उसके ही महाविद्यालय के विधि छात्रा के साथ अपने शासकीय क्वार्टर में बुलाकर छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। जिसके पश्चात भानु प्रताप देव शासकीय पीजी महाविद्यालय कांकेर के विद्यार्थियों ने उग्र प्रदर्शन किया था जो कि ऐसी घटना की सूचना मिलने पर उग्र प्रदर्शन होना स्वाभाविक था साथ ही साथ कई राजनीतिक संगठन ने भी ऐसी घटना पर खुलकर प्रदर्शन किया था। जिसके पश्चात कुछ विद्यार्थियों द्वारा जिला अधिवक्ता संघ कांकेर में ज्ञापन सौंपा गया कि भानु प्रताप देव शासकीय पीजी महाविद्यालय कांकेर के विधि प्रोफेसर नरेंद्र कुमार साहू के पक्ष में कोई भी अधिवक्ता उनकी पैरवी ना करें।
भानुप्रताप देव शासकीय पीजी महाविद्यालय कांकेर के विधि प्रोफेसर नरेंद्र कुमार साहू ने अपने विरोध लगे अपराधिक प्रकरण की पैरवी स्वयं की और अपने ऊपर लगे आरोप को गलत साबित कर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कंकर के आदेश से निर्दोष साबित होकर दोषमुक्त हुआ। जिससे अब भानु प्रताप देव शासकीय पीजी महाविद्यालय कांकेर के विद्यार्थियों में हर्षोल्लास का माहौल है क्योंकि उक्त घटना के बाद पीजी महाविद्यालय कंकर में विधि प्रोफेसर की कमी की समस्या व्याप्त थी। भानु प्रताप देव शासकीय पीजी महाविद्यालय कांकेर के विधि प्रोफेसर नरेंद्र कुमार साहू ने इस प्रकरण में दोषमुक्त होने पर बताया कि सत्य की हमेशा विजय होती है और मैंने सत्य को न्यायालय में साबित किया जिससे मैं आज दोषमुक्त हूं। इसके पश्चात उनसे यह पूछने पर कि आपको डर नहीं लगा कि आप अपने प्रकरण की पैरवी स्वयं कर रहे बल्कि कोई अच्छे अधिवक्ता से आप अपने प्रकरण की पैरवी करा सकते थे तब उन्होंने कहा कि हाथ कंगन को आरसी क्या पढ़े लिखे को फारसी क्या। उन्होंने बोला मैं विधि का प्रोफेसर हूं न्यायालय प्रक्रिया से अवगत हूं तू किसी बात का डर नहीं था। विधि प्रोफेसर नरेंद्र कुमार साहू से अंत में यह पूछने पर कि इस घटना के बाद भानु प्रताप देव के पीजी महाविद्यालय कांकेर में आप अपनी सेवाएं नियमित रूप से देंगे या कहीं और अपना स्थानांतरण करा लेंगे तब उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जो भी आदेश पारित हो उनका मैं पालन करूंगा।
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Kyse me riyha nirdhos sabut hua